Indore ने फिर रचा इतिहास, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में भी बना देश का नंबर-1 शहर

इंदौर/ जबलपुर 
 इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान रच दिया है। देश का सबसे स्वच्छ शहर का खिताब लगातार जीतने वाला इंदौर अब स्वच्छ वायु अवॉर्ड से भी सम्मानित हुआ है। दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में आयोजित समारोह में मंगलवार दोपहर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इंदौर को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव विशेष रूप से मौजूद रहे।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इंदौर को मिला पहला स्थान

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इंदौर ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि शहर ने 200 में से पूरे 200 अंक हासिल कर नया इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि इंदौर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण का प्रमाण है। सम्मान समारोह में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ सांसद शंकर लालवानी, एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ‘बबलू’, अश्विनी शुक्ला और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया भी उपस्थित थे।

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 जबलपुर को मिला दूसरा स्थान और ₹1 करोड़ इनाम

जबलपुर ने संपूर्ण भारत में लगातार दूसरी बार स्वच्छ वायु वाले शहर होने का गौरव बरकरार रखा है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025’ में जबलपुर दूसरा स्थान हासिल किया है।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतरगत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के नतीजे मंगलवार को जारी किए गए, जिसमें स्वच्छ आबोहवा वाले 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में जबलपुर को लगातार द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर एक करोड़ पुरस्कार राशि प्रदान की गई। जबकि पहले स्थान पर इंदौर और तीसरे स्थान पर सूरत रहा।

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नई दिल्ली के गंगा ऑडिटोरियम, इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित होने वाले स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त प्रीति यादव और स्वच्छता सेल के नोडल अधिकारी संभव अयाची को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव द्वारा पुरस्कार राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। विदित हो कि गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में सूरत पहले और जबलपुर दूसरे स्थान पर था।

10 से अधिक आबादी वाले 47 शहर है शामिल

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के लिए अवार्ड को तीन केटेगरी मे विभाजित किया गया था। पहला 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए है। जिसमें 47 शहर शामिल हैं। जबकि दूसरा अवार्ड तीन लाख से 10 लाख आबादी वाले शहर जिसमें 44 शहर शामिल थे। वहीं, तीसरा तीन लाख से कम आबादी वाले शहर जिसमें 40 शहर शामिल रहे।

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नगर निगम जबलपुर त्योहारों के समय शहर को स्वच्छ वायु गुणवत्ता कायम रखने में सफल हुआ। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू निगायुक्त प्रीति यादव ने इसे जबलपुर के नागरिकों की उपलब्धि बताया है। उन्होंने बताया कि शहर की हवा को शुद्ध बनाए रखने के साथ ही रैकिंग सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए गए थे।

रोड स्वीपिंग मशीन और डीप फोगर मशीन की मदद से हवा को शुद्ध बनाए रखने में मदद मिली है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतरगत वायु सर्वेक्षण 2025 के तहत डॉक्यूमेंटेशन का कार्य पूरा कर 15 जून तक नगर निगम को केंद्रीय मंत्रालय की वेबसाइट में अपलोड कर दिया था। इसके अलावा जमीनी स्तर पर अनेक कार्य कराएं परिणाम स्वरूप ये उपलब्धि मिली।

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